Top News

जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन: पैलेट गन के आरोपों पर बदले BJP नेताओं के सुर, सुप्रीम कोर्ट की समिति करेगी जांच


नई दिल्ली | 22 अगस्त 2026

जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले कुछ हफ्तों में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने के आरोपों को खारिज किया था। लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के हालिया बयानों में सीधे इनकार के बजाय सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की जांच का हवाला दिया जा रहा है।

यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष इस पूरे मामले में जवाबदेही और पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी घायल छात्र के साथ दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी।

पहले कहा गया था- गोली नहीं चली

पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अन्य भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक रूप से जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान गोली चलाए जाने की बात से इनकार किया था। 10 अगस्त को नड्डा ने राहुल गांधी के उस दावे को भी खारिज किया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने का आरोप लगाया गया था। इसी तरह केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की ओर से भी पहले गोली चलने से इनकार किया गया था।

लेकिन 21 अगस्त को राहुल गांधी के धरने के बाद भाजपा नेताओं का रुख कुछ अलग नजर आया। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि घटना की सच्चाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की जांच में सामने आएगी। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस बार गोली चलने या न चलने पर सीधा बयान देने के बजाय सुप्रीम कोर्ट की समिति का हवाला दिया।

सुप्रीम कोर्ट की समिति के सामने कई सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। जांच के दायरे में पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग, प्रदर्शनकारियों से निपटने के तरीके और अन्य आरोप शामिल हैं।

इसका मतलब यह है कि पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा विवाद अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि न्यायिक निगरानी में गठित समिति तथ्यों की जांच करेगी।

अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल

इस पूरे विवाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर सरकार और भाजपा नेताओं का तर्क है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की समिति कर रही है और निष्कर्ष आने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

अब नजर जांच पर

जंतर-मंतर की घटना को लेकर सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि 20 जुलाई को वास्तव में क्या हुआ था और पुलिस कार्रवाई में किस तरह के बल का इस्तेमाल किया गया। सुप्रीम कोर्ट की समिति की जांच इन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी जारी है, लेकिन अंतिम तस्वीर जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में इस मामले में आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।

SEO Keywords: जंतर मंतर छात्र प्रदर्शन, दिल्ली पैलेट गन विवाद, छात्र आंदोलन 2026, सुप्रीम कोर्ट समिति, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद, अमित शाह, राहुल गांधी, Delhi Student Protest, Pellet Gun Controversy, Supreme Court Committee

Post a Comment

أحدث أقدم

संवाददाता आईडी यहाँ से डाउनलोड करें

NAYAK Bhartiya Nayak

संवाददाता बनेने के लिए

NAYAK Bhartiya Nayak

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume