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NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट जारी: 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल, पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल गुप्ता बने टॉपर


NAYAK भारतीय नायक | एजुकेशन डेस्क

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम का बहुप्रतीक्षित परिणाम जारी कर दिया है। लाखों छात्रों और अभिभावकों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। इस बार परीक्षा और परिणाम दोनों ही देशभर में चर्चा का विषय रहे, क्योंकि मूल परीक्षा के बाद सामने आए विवादों के कारण री-एग्जाम आयोजित कराया गया था। अब जारी परिणामों में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर देशभर में संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया है।

एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 11.21 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं, जबकि सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। यह आंकड़ा एक बार फिर दिखाता है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बेटियों का प्रदर्शन लगातार मजबूत होता जा रहा है।

री-एग्जाम के बाद आया परिणाम

इस वर्ष NEET UG 2026 की मूल परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर कई राज्यों से शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बीच एनटीए ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम आयोजित किया। परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी जारी की गई, आपत्तियां मांगी गईं और अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम घोषित किया गया।

देश के टॉपर कौन बने?

इस बार दो छात्रों ने सर्वोच्च अंक हासिल किए हैं।

  • आर्यन गुप्ता (पंजाब) – 715/720
  • पांशुल गुप्ता (हरियाणा) – 715/720

दोनों ने समान अंक प्राप्त किए हैं। अंतिम रैंकिंग टाई-ब्रेकिंग नियमों के आधार पर तय की गई है।

11.21 लाख छात्रों ने हासिल की सफलता

एनटीए के अनुसार इस बार री-एग्जाम में शामिल अभ्यर्थियों में से 11.21 लाख उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह पहला चरण है। अब सफल उम्मीदवारों को काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा, जहां उनकी रैंक, श्रेणी, सीटों की उपलब्धता और पसंद के आधार पर कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।

छात्राओं ने फिर मारी बाजी

परिणामों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों की तुलना में बेहतर रहा। यह रुझान बताता है कि मेडिकल शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

700 से अधिक अंक लाने वाले 19 छात्र

इस वर्ष 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दर्शाता है कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

श्रेणीवार सफल अभ्यर्थियों की तस्वीर

एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में सफल उम्मीदवारों की संख्या इस प्रकार है—

  • सामान्य वर्ग – लगभग 2.91 लाख
  • ओबीसी-एनसीएल – लगभग 5.12 लाख
  • एससी – लगभग 1.59 लाख
  • एसटी – 63,716

ये आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न सामाजिक वर्गों के लाखों विद्यार्थियों ने मेडिकल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

अब आगे क्या होगा?

रिजल्ट जारी होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण काउंसलिंग का होगा।

काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों को—

  • ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
  • कॉलेज और कोर्स की पसंद भरनी होगी।
  • दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।
  • मेरिट और उपलब्ध सीटों के आधार पर कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।

एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश इसी प्रक्रिया के माध्यम से होगा।

केवल क्वालिफाई करना ही पर्याप्त नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि NEET में सफल होना मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की गारंटी नहीं है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें सीमित हैं और प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रहती है। उम्मीदवारों की अंतिम रैंक, कटऑफ, श्रेणी और पसंद के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

रिजल्ट देखने के बाद उम्मीदवारों को घबराने के बजाय अगले चरण की तैयारी करनी चाहिए।

  • स्कोरकार्ड सुरक्षित डाउनलोड करें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
  • आधिकारिक काउंसलिंग की तारीखों पर नजर रखें।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
  • किसी भी फर्जी कॉल या एडमिशन के नाम पर ठगी से सावधान रहें।

शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

हालांकि परिणाम जारी होने के साथ लाखों छात्रों को राहत मिली है, लेकिन इस वर्ष की परीक्षा प्रक्रिया ने देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े किए। पेपर लीक और री-एग्जाम जैसी परिस्थितियों ने छात्रों पर मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक दबाव बढ़ाया। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित तथा तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

NEET UG 2026 री-एग्जाम का परिणाम लाखों विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल गुप्ता ने 715 अंक प्राप्त कर देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया, जबकि 11.21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की। छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन इस परिणाम की सबसे सकारात्मक उपलब्धियों में शामिल है। अब सभी सफल उम्मीदवारों की निगाहें मेडिकल काउंसलिंग और पसंदीदा कॉलेज में प्रवेश पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में काउंसलिंग प्रक्रिया तय करेगी कि किस विद्यार्थी को किस मेडिकल संस्थान में प्रवेश मिलेगा। 

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