नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को अब कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और फिल्मी हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में अभिनेता प्रकाश राज रविवार को जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों से मुलाकात की तथा उनका हौसला बढ़ाया।
यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में पिछले 22 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में मौजूद हैं।
छात्रों के बीच पहुंचे प्रकाश राज
जंतर-मंतर पहुंचकर प्रकाश राज ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से बातचीत की और कहा कि यह लड़ाई किसी एक संगठन या नेता की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब युवाओं का भविष्य दांव पर लग जाता है तो समाज के हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वह उनके साथ खड़ा हो।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वह पहले दिन से ही इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और आगे भी छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे।
सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रकाश राज ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जिस जनसमर्थन के बल पर कोई सरकार सत्ता में आती है, उसी लोकतांत्रिक ताकत के माध्यम से जनता उसे जवाबदेह भी बना सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि जनता संगठित होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की मांग करे तो किसी भी सरकार को उसकी बात सुननी पड़ती है।
हिंसा नहीं, लोकतांत्रिक आंदोलन की अपील
प्रकाश राज ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से खास अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया गया आंदोलन अधिक प्रभावी होता है और लोकतंत्र की असली ताकत भी यही है।
उन्होंने युवाओं से संयम बनाए रखने और अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाने का आग्रह किया।
"यह करोड़ों छात्रों के भविष्य की लड़ाई"
अपने संबोधन में अभिनेता ने कहा कि यह केवल परीक्षा या एक भर्ती प्रक्रिया का मामला नहीं है। उनका कहना था कि देश के लाखों-करोड़ों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं और यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इससे युवाओं का विश्वास कमजोर होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार और संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल छात्र और संगठन कई मांगें उठा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
सोनम वांगचुक भी आंदोलन के समर्थन में
इस आंदोलन में पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
प्रकाश राज के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की चर्चा और तेज हो गई। उनके भाषण के वीडियो और तस्वीरें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही हैं। समर्थक इसे छात्रों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक स्तर पर भी इसको लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोकतांत्रिक विरोध का संदेश
प्रकाश राज ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात मजबूती से रखें। उनका मानना है कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन ही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होता है।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और सार्वजनिक हस्तियों का भी समर्थन मिलने लगा है। अभिनेता प्रकाश राज की मौजूदगी ने आंदोलन को नई चर्चा जरूर दी है। हालांकि प्रदर्शनकारियों की मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया पर आने वाले दिनों में क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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