गाजियाबाद में 2.19 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में एक एमबीए पास आरोपित शुभम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया है। इस ठगी में सिंगापुर और कंबोडिया से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हैं।
संवाददाता, गाजियाबाद। डिजिटल अरेस्ट के जरिये 2.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जांच में सिंगापुर और कंबोडिया कनेक्शन सामने आया है।
पुलिस के अनुसार विदेश में बैठे गिरोह के सदस्य सिंगापुर से ठगी का पूरा नेटवर्क संचालित करते थे, जबकि पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट करने के लिए कंबोडिया से वाॅट्सएप काल की गई थी।
पुलिस ने लखनऊ निवासी एमबीए पास शुभम सिंह यादव को उन्नाव के अजगैन से गिरफ्तार कर दो मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद करने के साथ ही मामले से जुड़े 19 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर को लगाया था चूना
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि रामप्रस्थ कालोनी निवासी बुजुर्ग रिटायर्ड बैंक प्रबंधक रामप्रकाश हुरिया को 22 मई से चार जून के बीच मनी लाॅन्ड्रिंग केस में फंसाने का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट बताया गया। इस दौरान साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 2.19 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने लखनऊ के आलमबाग निवासी 37 वर्षीय शुभम सिंह यादव को उन्नाव के अजगैन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि एमबीए करने के बाद उसने होटल लीज और कंस्ट्रक्शन का कारोबार शुरू किया था।
बैंक खाते देने पर पांच प्रतिशत कमिशन देता था
इसी दौरान लखनऊ के मटियारी में मेडिकल स्टोर संचालक आसिफ अंसारी के माध्यम से उसकी मुलाकात प्रयागराज निवासी हरिओम पांडेय से हुई। हरिओम से परिचय वकील ओंकार श्रीवास्तव ने कराया था। हरिओम ने शेयर ट्रेडिंग प्लेटफाॅर्म में इस्तेमाल के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने पर पांच प्रतिशत कमीशन का लालच दिया।
इसके बाद शुभम ने अपने बैंक खाते की इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और ओटीपी फारवर्ड करने की सुविधा भी उसे उपलब्ध करा दी। जांच में सामने आया है कि हरिओम पांडेय को विदेश में बैठे गिरोह के सदस्यों से क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से कमीशन मिलता था।
सिंगापुर में बैठे सदस्य पीड़ितों से ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। डिजिटल अरेस्ट के लिए कंबोडिया से वाट्सएप काल की जाती थी।
सिम जारी करने वाले पीओएस के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग से साइबर ठगी मामले में इस्तेमाल सिम अमरोहा, ओडिसा के बहाबलपुर और पंजाब के फरीदकोट से जारी हुए थे। इन सिम को जारी करने वाले प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपित के खाते में एक करोड़ से ज्यादा मिले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शुभम सिंह यादव के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। इसमें रामप्रकाश हुरिया के खाते से आए 53 लाख रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी एक अन्य पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगे गए 13 लाख रुपये भी इसी खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस अब प्रयागराज निवासी हरिओम पांडेय, लखनऊ के आसिफ अंसारी और वकील ओंकार श्रीवास्तव की तलाश कर रही है।
संवाददाता, गाजियाबाद। डिजिटल अरेस्ट के जरिये 2.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जांच में सिंगापुर और कंबोडिया कनेक्शन सामने आया है।
पुलिस के अनुसार विदेश में बैठे गिरोह के सदस्य सिंगापुर से ठगी का पूरा नेटवर्क संचालित करते थे, जबकि पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट करने के लिए कंबोडिया से वाॅट्सएप काल की गई थी।
पुलिस ने लखनऊ निवासी एमबीए पास शुभम सिंह यादव को उन्नाव के अजगैन से गिरफ्तार कर दो मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद करने के साथ ही मामले से जुड़े 19 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर को लगाया था चूना
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि रामप्रस्थ कालोनी निवासी बुजुर्ग रिटायर्ड बैंक प्रबंधक रामप्रकाश हुरिया को 22 मई से चार जून के बीच मनी लाॅन्ड्रिंग केस में फंसाने का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट बताया गया। इस दौरान साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 2.19 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने लखनऊ के आलमबाग निवासी 37 वर्षीय शुभम सिंह यादव को उन्नाव के अजगैन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि एमबीए करने के बाद उसने होटल लीज और कंस्ट्रक्शन का कारोबार शुरू किया था।
बैंक खाते देने पर पांच प्रतिशत कमिशन देता था
इसी दौरान लखनऊ के मटियारी में मेडिकल स्टोर संचालक आसिफ अंसारी के माध्यम से उसकी मुलाकात प्रयागराज निवासी हरिओम पांडेय से हुई। हरिओम से परिचय वकील ओंकार श्रीवास्तव ने कराया था। हरिओम ने शेयर ट्रेडिंग प्लेटफाॅर्म में इस्तेमाल के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने पर पांच प्रतिशत कमीशन का लालच दिया।
इसके बाद शुभम ने अपने बैंक खाते की इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और ओटीपी फारवर्ड करने की सुविधा भी उसे उपलब्ध करा दी। जांच में सामने आया है कि हरिओम पांडेय को विदेश में बैठे गिरोह के सदस्यों से क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से कमीशन मिलता था।
सिंगापुर में बैठे सदस्य पीड़ितों से ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। डिजिटल अरेस्ट के लिए कंबोडिया से वाट्सएप काल की जाती थी।
सिम जारी करने वाले पीओएस के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग से साइबर ठगी मामले में इस्तेमाल सिम अमरोहा, ओडिसा के बहाबलपुर और पंजाब के फरीदकोट से जारी हुए थे। इन सिम को जारी करने वाले प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपित के खाते में एक करोड़ से ज्यादा मिले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शुभम सिंह यादव के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। इसमें रामप्रकाश हुरिया के खाते से आए 53 लाख रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी एक अन्य पीड़ित से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगे गए 13 लाख रुपये भी इसी खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस अब प्रयागराज निवासी हरिओम पांडेय, लखनऊ के आसिफ अंसारी और वकील ओंकार श्रीवास्तव की तलाश कर रही है।

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