बेंगलुरु: कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के बीच Form-7 को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में Form-7 आवेदन दाखिल किए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई है। कुछ मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLOs पर इन आवेदनों को स्वीकार करने या हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
क्या है Form-7?
चुनाव आयोग के नियमों के तहत Form-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। किसी मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाने या डुप्लीकेट नाम जैसी परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि केवल Form-7 दाखिल हो जाने से किसी मतदाता का नाम अपने-आप सूची से नहीं हटता।
बेलगावी में सामने आया मामला
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, बेलगावी नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के कम से कम छह मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में Form-7 आवेदन पहुंचे। कई फॉर्म में संबंधित मतदाताओं की जानकारी पहले से छपी हुई थी, जबकि आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम हाथ से लिखा गया था या खाली छोड़ा गया था।
रिपोर्ट में BLOs के हवाले से कहा गया है कि दो लोग खुद को बेलगावी सिटी कॉरपोरेशन से जुड़ा बताते हुए ये आवेदन लेकर पहुंचे और उन्हें जल्द हस्ताक्षर कर वापस करने के लिए कहा गया। कुछ BLOs ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
हजारों नामों पर आपत्ति का दावा
द हिंदू से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, कर्नाटक के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में 4,000 से अधिक Form-7 आवेदन सामने आए हैं। बाबलेश्वर और भालकी जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आवेदन कुछ ही लोगों द्वारा दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। इनमें मुस्लिम मतदाताओं के नामों की संख्या अधिक होने का दावा किया गया है।
हालांकि इन आवेदनों के पीछे किसी संगठित राजनीतिक साजिश का आरोप अभी जांच और सत्यापन का विषय है। बेलगावी प्रशासन ने भी कहा है कि शिकायतों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई होगी। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित आपत्तियों के आधार पर किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।
असली सवाल मतदाता सूची की विश्वसनीयता का
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है, लेकिन Form-7 को लेकर सामने आए ये मामले यह सवाल जरूर खड़ा करते हैं कि क्या हर आपत्ति की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो रही है?
मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियादी कड़ी है। इसलिए किसी भी योग्य मतदाता का नाम हटाने से पहले सत्यापन, नोटिस और जवाब देने का उचित अवसर मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।
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