नई दिल्ली/गाज़ियाबाद:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान अपनी सेवा भावना के लिए चर्चा में आए गाज़ियाबाद के नाहल गांव निवासी मोहम्मद जुनैद मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनके द्वारा आंदोलन में शामिल छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके परिवार का यह आरोप है कि पुलिस पूछताछ के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जुनैद मलिक ने छात्र आंदोलन के दौरान स्वयंसेवक के रूप में कई दिनों तक प्रदर्शनकारियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया था। सोशल मीडिया पर उनकी सेवा से जुड़े वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें कई लोगों ने सराहा। अब उनके परिवार का कहना है कि इसी गतिविधि के बाद पुलिस लगातार उनके घर पहुंचकर पूछताछ कर रही है।
परिजनों के अनुसार, मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव स्थित उनके घर पर पुलिस पहुंची और परिवार के सदस्यों से कई दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली। जुनैद के पिता मुस्तफा का आरोप है कि उन्हें थाने ले जाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेजों के संबंध में सवाल पूछे गए। उनका कहना है कि उनका बेटा किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं है, बल्कि वह जरूरतमंद लोगों की सेवा करता रहा है।
मुस्तफा ने दावा किया कि लगातार पूछताछ के कारण परिवार तनाव में है और उनकी पत्नी की तबीयत भी प्रभावित हुई है। परिवार का कहना है कि यदि किसी तरह की जांच आवश्यक है तो वह कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन बार-बार पूछताछ से सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
दूसरी ओर, पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। सुरक्षा एजेंसियां अक्सर संवेदनशील मामलों में आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ करती हैं, हालांकि परिवार का आरोप है कि यह प्रक्रिया उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान कई स्वयंसेवकों ने भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। ऐसे लोगों की भूमिका आंदोलन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण मानी गई। जुनैद मलिक भी उन्हीं स्वयंसेवकों में शामिल रहे, जिनकी सेवा भावना की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।
नायक भारतीय नायक का मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण सामाजिक सेवा और मानवीय सहयोग का सम्मान होना चाहिए। साथ ही, यदि किसी मामले में जांच की आवश्यकता हो तो वह पूरी पारदर्शिता, संवैधानिक प्रक्रिया और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करते हुए की जानी चाहिए।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग एक ओर जुनैद की सेवा भावना की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध दावों और सार्वजनिक रूप से साझा की गई जानकारी पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष आने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)
Post a Comment