परीक्षा के दौरान मोबाइल से वायरल हुआ प्रश्नपत्र, विश्वविद्यालय ने कहा— उत्तर परीक्षा हॉल तक नहीं पहुंचा, परीक्षा रद्द नहीं होगी
पटना | NAYAK भारतीय नायक
बिहार की प्रतिष्ठित पटना यूनिवर्सिटी एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। शनिवार को आयोजित एलएलबी (LLB) प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के वायरल होने की घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परीक्षा केंद्र पर पुलिस तैनात थी, छात्रों की जांच की गई थी और मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था, तब आखिर एक छात्र मोबाइल लेकर परीक्षा हॉल तक कैसे पहुंच गया?
जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान ही एक छात्र ने अपने मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में परीक्षा केंद्र का जैमर चालू कराया गया, लेकिन तब तक प्रश्नपत्र इंटरनेट पर पहुंच चुका था।
कैसे हुआ पूरा मामला?
पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा शनिवार को शहर के तीन परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित था। इसी दौरान पटना कॉलेज परीक्षा केंद्र से दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना मिली।
बताया गया कि एक छात्र अपने साथ मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गया था। परीक्षा शुरू होने के बाद उसने प्रश्नपत्र की तस्वीर खींची और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली, परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर को तत्काल चालू कराया गया।
जैमर बंद होने पर उठे सवाल
घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस समय प्रश्नपत्र वायरल हुआ, उस समय परीक्षा केंद्र का मोबाइल जैमर बंद था। परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी.के. लाल ने भी स्वीकार किया कि प्रश्नपत्र वायरल होने के समय जैमर सक्रिय नहीं था।
यही कारण है कि अब विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में जैमर बंद क्यों था? इसकी जिम्मेदारी किसकी थी? इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं।
परीक्षा रद्द नहीं होगी, प्रशासन का दावा
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रश्नपत्र भले ही वायरल हुआ हो, लेकिन उसका उत्तर परीक्षा हॉल के अंदर नहीं पहुंच पाया। इसलिए परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित नहीं हुई।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी.के. लाल के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही जैमर चालू कराया गया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी छात्र के पास वायरल प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी कोई सामग्री नहीं मिली। इसी आधार पर विश्वविद्यालय ने फिलहाल परीक्षा रद्द न करने का फैसला लिया है।
मोबाइल लेकर हॉल में कैसे पहुंचा छात्र?
सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा जांच को लेकर भी उठ रहा है। परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिस बल तैनात था और छात्रों की जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा रहा था।
इसके बावजूद एक छात्र मोबाइल फोन के साथ परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया। इससे जांच प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि एक छात्र मोबाइल अंदर ले जा सकता है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
CCTV फुटेज से होगी पहचान
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रश्नपत्र वायरल करने वाला छात्र परीक्षा समाप्त होने से पहले ही वहां से निकल गया। फिलहाल परीक्षा केंद्र के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी छात्र की पहचान कर उसके खिलाफ विश्वविद्यालय नियमों और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पेपर लीक की घटनाओं से बढ़ रही चिंता
देशभर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ाई है।
पटना यूनिवर्सिटी की इस घटना ने भी एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल दौर में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
छात्रों की क्या है प्रतिक्रिया?
परीक्षा देकर बाहर निकले कई छात्रों ने कहा कि यदि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी होती तो ऐसी घटना नहीं होती। कुछ छात्रों का मानना है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी छात्र इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
हालांकि कई परीक्षार्थियों ने राहत जताई कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द नहीं की, क्योंकि दोबारा परीक्षा होने से हजारों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
अब आगे क्या?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही पूरे मामले की जांच कर दोषी छात्र की पहचान की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर की नियमित निगरानी, डिजिटल सुरक्षा प्रणाली और प्रवेश जांच को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा में प्रश्नपत्र वायरल होने की घटना ने एक बार फिर परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विश्वविद्यालय का दावा है कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित नहीं हुई, लेकिन यह घटना इस बात का संकेत जरूर देती है कि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर अभी भी कई सुधारों की जरूरत है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आरोपी छात्र पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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