गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोमवार देर रात स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान STF का एक जवान भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार घायल जवान की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मुस्तफिजुल रहमान लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने समेत दस से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह वर्ष 2011 से लगातार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बचता आ रहा था।
देर रात हुई मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार STF को सूचना मिली थी कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान गोरखपुर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर STF और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। संदिग्ध स्थान पर पहुंचने पर पुलिस ने उसे घेरने का प्रयास किया।
बताया गया कि पुलिस को देखते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ के दौरान मुस्तफिजुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान STF का एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गया।
बसपा नेता हत्याकांड में था वांछित
पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान वर्ष 2021 में आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र में हुए बसपा नेता कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। इस चर्चित हत्या के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी वाराणसी जोन ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
बसपा नेता की हत्या के बाद पुलिस ने कई बार उसकी तलाश की, लेकिन वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और गिरफ्तारी से बचता रहा।
2011 से फरार चल रहा था
जांच एजेंसियों के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान का आपराधिक इतिहास काफी पुराना था। वर्ष 2011 से वह विभिन्न मामलों में पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मामलों में शामिल थे—
- हत्या
- हत्या का प्रयास
- पुलिस पर हमला
- पुलिस हिरासत से फरार होना
- संगठित अपराध से जुड़े मामले
- अन्य गंभीर आपराधिक मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ दस से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी छिपा रहा
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार बसपा नेता हत्याकांड के बाद मुस्तफिजुल रहमान उत्तर प्रदेश छोड़कर गुजरात भाग गया था। लंबे समय तक वह वहीं छिपकर रह रहा था।
बाद में वह महाराष्ट्र पहुंचा, जहां वर्ष 2024 में अमरावती ग्रामीण पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि पुलिस हिरासत के दौरान वह वहां से भी फरार हो गया। इस मामले में महाराष्ट्र में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस घटना के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई थी।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुस्तफिजुल रहमान लगातार राज्य बदलकर पुलिस को चकमा देता था। उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में उसके संपर्कों की जांच पहले भी की जा चुकी थी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी और किन लोगों ने उसकी मदद की।
STF की बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश STF लंबे समय से इस अपराधी की तलाश में जुटी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता है।
अधिकारियों के अनुसार कई महीनों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और जैसे ही उसकी लोकेशन की पुष्टि हुई, संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
घायल जवान का इलाज जारी
मुठभेड़ के दौरान STF का एक जवान भी घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति नियंत्रण में है।
पुलिस विभाग ने घायल जवान के साहस की सराहना की है।
घटनास्थल से बरामद सामान
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य एकत्र किए। अधिकारियों के अनुसार मौके से हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है। बरामद वस्तुओं की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया जारी
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद नियमानुसार पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
अपराध के खिलाफ अभियान
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि प्रदेश में वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। जिन अपराधियों पर इनाम घोषित है, उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
निष्कर्ष
गोरखपुर में हुई इस मुठभेड़ के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल एक लाख रुपये का इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू का अध्याय समाप्त हो गया। हालांकि पुलिस इस मामले को केवल एक एनकाउंटर तक सीमित नहीं मान रही है। अब जांच एजेंसियां उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और फरारी के दौरान मिली मदद की भी पड़ताल करेंगी।
यह कार्रवाई प्रदेश में वांछित अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। वहीं, मुठभेड़ में घायल STF जवान का उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की कानूनी जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ा रही है।
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