SEO Title: हाथरस CMO ने बीजेपी विधायक और जिलाध्यक्ष के छुए पैर, वीडियो वायरल होने पर दी सफाई
Meta Description: उत्तर प्रदेश के हाथरस में CMO डॉ. वेद प्रकाश द्वारा बीजेपी विधायक और जिलाध्यक्ष के पैर छूने का वीडियो वायरल हो गया। CMO ने इसे भारतीय संस्कार बताया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
हाथरस, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक अंजुला सिंह माहौर और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह के पैर छूते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह घटना पूरे जिले के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है।
वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति और बड़ों के सम्मान की परंपरा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी द्वारा सार्वजनिक मंच पर जनप्रतिनिधियों के पैर छूने को प्रशासनिक निष्पक्षता के नजरिए से देख रहे हैं।
ऑक्सीजन प्लांट कार्यक्रम में हुआ घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हाथरस जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री केयर्स फंड से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के प्रेशर बूस्टर सिस्टम का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में भाजपा विधायक अंजुला सिंह माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिला अधिकारी अतुल वत्स सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विधायक और जिलाध्यक्ष कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, CMO डॉ. वेद प्रकाश आगे बढ़े और दोनों के पैर छूकर उनका अभिवादन किया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
CMO ने दी अपनी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद डॉ. वेद प्रकाश ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा,
"ये मेरे संस्कार हैं। हमारे परिवार में बड़ों का सम्मान करना सिखाया गया है। अगर मैंने अपने से बड़े लोगों के पैर छू लिए तो इसमें गलत क्या है?"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल सम्मान व्यक्त करना था और इसे किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आई।
एक वर्ग का कहना है कि भारतीय संस्कृति में बड़ों के चरण स्पर्श करना सम्मान की परंपरा रही है और इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर कई लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी को सार्वजनिक कार्यक्रम में राजनीतिक पदाधिकारियों के प्रति ऐसा व्यवहार करने से बचना चाहिए, क्योंकि प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्षता और समान दूरी बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
प्रशासनिक मर्यादा पर भी उठे सवाल
इस घटना ने प्रशासनिक सेवा की मर्यादा और सरकारी अधिकारियों के सार्वजनिक आचरण पर भी चर्चा शुरू कर दी है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अधिकारी निजी जीवन में किसी का भी सम्मान कर सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक पद पर रहते हुए उनके व्यवहार को निष्पक्षता और संस्थागत गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।
हालांकि अभी तक इस मामले में राज्य सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल विपक्षी दलों की ओर से इस मामले पर कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं भाजपा की ओर से भी वीडियो को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निष्कर्ष
हाथरस के CMO डॉ. वेद प्रकाश का वायरल वीडियो केवल एक व्यक्तिगत अभिवादन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसने भारतीय संस्कार, प्रशासनिक निष्पक्षता और सार्वजनिक पद की गरिमा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। एक ओर CMO इसे अपनी पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपरा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग सरकारी अधिकारियों के सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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