Top News

शिक्षा बजट पर नई बहस: CJP आंदोलन के बीच रामचंद्र गुहा ने उठाए सवाल, क्या शिक्षा सरकार की प्राथमिकता से पीछे छूट रही है?


SEO Title: शिक्षा बजट पर रामचंद्र गुहा का सवाल, CJP आंदोलन के बीच Education Funding पर नई बहस
Meta Description: नीट विवाद और CJP के छात्र आंदोलन के बीच लेखक रामचंद्र गुहा ने शिक्षा बजट में कमी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। जानिए पूरा मामला।


जंतर-मंतर से उठी आवाज अब शिक्षा नीति तक पहुंची

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट प्रवेश परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदर्शनकारी अब शिक्षा नीति, सरकारी निवेश और उच्च शिक्षा की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच प्रसिद्ध लेखक और इतिहासकार रामचंद्र गुहा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को नई दिशा दे दी है।

गुहा ने एक राष्ट्रीय समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय बजट में शिक्षा मंत्रालय की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का बजटीय हिस्सा बढ़ा है। उनके इस बयान के बाद शिक्षा पर सरकारी खर्च को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

क्या कहा रामचंद्र गुहा ने?

रामचंद्र गुहा ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने पोस्ट में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि वर्ष 2013-14 में शिक्षा मंत्रालय को केंद्रीय बजट का लगभग 4.6 प्रतिशत हिस्सा मिलता था, जबकि 2025-26 में यह घटकर लगभग 2.5 प्रतिशत रह गया है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इसी अवधि में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार, यह बदलाव इस बात पर बहस का विषय होना चाहिए कि देश की विकास प्राथमिकताओं में शिक्षा की क्या स्थिति है।

हालांकि, यह टिप्पणी एक रिपोर्ट पर आधारित है और सरकार की ओर से इस तुलना पर अलग दृष्टिकोण भी सामने आ सकता है।

छात्र आंदोलन का दायरा हुआ व्यापक

जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुई थी, लेकिन अब छात्रों की मांगें व्यापक हो गई हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार, सरकारी विश्वविद्यालयों को बेहतर संसाधन, शोध को बढ़ावा और शिक्षा पर अधिक सार्वजनिक निवेश की मांग कर रहे हैं।

छात्र संगठनों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल परीक्षा सुधार से संभव नहीं होगी, बल्कि इसके लिए बजट और संस्थागत ढांचे दोनों को मजबूत करना जरूरी है।

शिक्षा बजट क्यों है महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश की दीर्घकालिक प्रगति शिक्षा में निवेश पर निर्भर करती है। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों का विकास, शोध परियोजनाएं, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कई क्षेत्र सीधे बजटीय आवंटन से प्रभावित होते हैं।

वहीं दूसरी ओर, सरकार लगातार यह भी कहती रही है कि उसने नई शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऐसे में केवल बजट प्रतिशत के आधार पर पूरी तस्वीर का आकलन करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

सरकार का पक्ष भी अहम

केंद्र सरकार का तर्क रहा है कि शिक्षा क्षेत्र में कई योजनाओं के माध्यम से निवेश बढ़ाया गया है और नई शिक्षा नीति के जरिए दीर्घकालिक सुधारों पर काम हो रहा है। सरकार यह भी कहती है कि सड़क, रेल और अन्य बुनियादी ढांचे में निवेश आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक है।

यही कारण है कि शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच बजटीय प्राथमिकताओं को लेकर अलग-अलग आर्थिक दृष्टिकोण सामने आते हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और बुनियादी ढांचा दोनों ही विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। चुनौती यह है कि दोनों क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाया जाए। यदि शिक्षा में पर्याप्त निवेश नहीं होगा तो भविष्य की मानव पूंजी प्रभावित हो सकती है, जबकि बुनियादी ढांचा आर्थिक गतिविधियों को गति देता है।

इसलिए बहस केवल बजट प्रतिशत की नहीं, बल्कि खर्च की गुणवत्ता, परिणाम और दीर्घकालिक प्रभाव की भी है।

निष्कर्ष

नीट विवाद से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देश की शिक्षा नीति और सरकारी प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। रामचंद्र गुहा की टिप्पणी ने इस बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या स्पष्टीकरण देती है और शिक्षा क्षेत्र में निवेश को लेकर क्या नई पहल सामने आती है।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि शिक्षा केवल छात्रों का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। लोकतांत्रिक समाज में ऐसे सवालों पर तथ्य, संवाद और पारदर्शिता के साथ चर्चा होना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

संवाददाता आईडी यहाँ से डाउनलोड करें

NAYAK Bhartiya Nayak

संवाददाता बनेने के लिए

NAYAK Bhartiya Nayak

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume