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नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा: कारोबारी से फॉर्च्यूनर लूटने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन युवतियों समेत पांच गिरफ्तार

नोएडा | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सेक्टर-24 थाना पुलिस ने इस मामले में तीन युवतियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना और उसके दो अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग सोशल मीडिया, ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करता था। आकर्षक प्रोफाइल और दोस्ती के प्रस्ताव के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद होटल या मुलाकात के बहाने बुलाकर रास्ते में लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

हाल ही में नोएडा के एक कारोबारी से फॉर्च्यूनर एसयूवी लूटे जाने के मामले की जांच के दौरान पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं, जिससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि गिरोह ने इसी तरह की कई अन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया हो सकता है।

कैसे काम करता था पूरा गैंग?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह पूरी योजना के साथ काम करता था। सबसे पहले सोशल मीडिया और ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लबों के माध्यम से ऐसे लोगों की पहचान की जाती थी जो जल्दी दोस्ती करने या नई पहचान बनाने में रुचि रखते थे।

इसके बाद गिरोह से जुड़ी युवतियां पीड़ितों से बातचीत शुरू करती थीं। कई दिनों तक विश्वास जीतने के बाद मुलाकात का प्रस्ताव दिया जाता था। मुलाकात के लिए अक्सर होटल, कैफे या किसी सुनसान स्थान का बहाना बनाया जाता था।

जब पीड़ित अपनी कार से मिलने आता था, तब गैंग के अन्य सदस्य भी आसपास मौजूद रहते थे। रास्ते में मौका मिलते ही पीड़ित को धमकाकर या डराकर उससे नकदी, मोबाइल, कीमती सामान और कई मामलों में पूरी गाड़ी तक लूट ली जाती थी। वारदात के बाद आरोपी तुरंत फरार हो जाते थे।

कारोबारी से फॉर्च्यूनर लूटने के बाद खुला राज

पुलिस के अनुसार हाल ही में नोएडा के एक कारोबारी को इसी तरीके से निशाना बनाया गया। दोस्ती और मुलाकात के बहाने बुलाकर आरोपियों ने उसकी फॉर्च्यूनर कार लूट ली।

इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्धों की पहचान हुई और अंततः पुलिस गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।

पांच आरोपी गिरफ्तार, तीन युवतियां भी शामिल

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-54 स्थित खेलगांव पार्क के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

ओमवीर यादव (फिरोजाबाद)

मंजेश यादव (मैनपुरी)

निधि यादव (औरैया)

प्रियंका यादव (फिरोजाबाद)

काजल यादव (मैनपुरी)


इसके अलावा एक किशोर को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में किराये के मकान में रह रहे थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।

गिरोह का सरगना अब भी फरार

जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना पंकज यादव है।

पुलिस के अनुसार उसी ने पूरे नेटवर्क की योजना तैयार की थी। उसने निधि यादव के माध्यम से अन्य युवतियों को गिरोह में शामिल कराया और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाने की जिम्मेदारी सौंपी।

सरगना सहित तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने—

नोएडा से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार

दो अन्य कारें

एक चाकू

घटना में प्रयुक्त अन्य सामान


बरामद किया है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद अन्य दोनों कारें भी कहीं इसी तरह की वारदातों से जुड़ी तो नहीं हैं।
क्या गैंग ने और भी वारदातें की हैं?

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया यह मामला संभवतः अकेला नहीं है।

आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अन्य घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिनकी पुष्टि की जा रही है। पुलिस अब विभिन्न राज्यों में दर्ज समान प्रकृति के मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

यदि अन्य मामलों में भी इस गिरोह की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ अतिरिक्त मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।

ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब कैसे बन रहे हैं अपराध का माध्यम?

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब, डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराधों में वृद्धि देखी गई है।

अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान विश्वास कायम करने के बाद मुलाकात तय की जाती है और फिर लूट, ब्लैकमेल, जबरन वसूली या साइबर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अपराधी मनोवैज्ञानिक तरीके अपनाते हैं और पीड़ितों को धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाते हैं।

पुलिस ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह

नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या ऑनलाइन फ्रेंडशिप प्लेटफॉर्म पर अंजान लोगों से संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतें।

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि—

किसी भी अनजान व्यक्ति से जल्दबाजी में व्यक्तिगत मुलाकात न करें।

पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक और सुरक्षित स्थान पर करें।

अपनी निजी जानकारी, बैंक विवरण या लोकेशन साझा करने से बचें।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

यदि कोई व्यक्ति बार-बार निजी स्थान पर मिलने का दबाव बनाए, तो सतर्क हो जाएं।


सोशल मीडिया के दौर में बढ़ रही चुनौतियां

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों को जोड़ने का काम किया है, लेकिन अपराधियों ने भी इन्हीं माध्यमों का दुरुपयोग शुरू कर दिया है।

फर्जी पहचान, नकली तस्वीरें और बनावटी प्रोफाइल बनाकर अपराधी लोगों को आसानी से भ्रमित कर देते हैं। इसलिए डिजिटल जागरूकता आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो जाएगा।

निष्कर्ष

नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में संचालित इस कथित लूटपाट गिरोह का खुलासा डिजिटल युग में बढ़ते नए प्रकार के अपराधों की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस की कार्रवाई में तीन युवतियों समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि मुख्य सरगना सहित तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।

हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और आगे की जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि किसी आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं नागरिकों के लिए यह मामला एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है कि ऑनलाइन दोस्ती और अनजान लोगों से मुलाकात के दौरान पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है।

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