विशेष रिपोर्ट | NAYAK भारतीय नायक | nayakmedia.in
लखनऊ: बिजली का बढ़ता बिल आज हर परिवार की चिंता बनता जा रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश में प्रीपेड मीटरों को लेकर उठे विवाद और उनकी स्थापना पर रोक के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता यह शिकायत कर रहे हैं कि उनके बिजली के मीटर सामान्य से अधिक तेज चल रहे हैं। कई लोगों का दावा है कि पहले जहां उनका मासिक बिजली बिल सीमित आता था, वहीं अब बिना बिजली की खपत में खास बढ़ोतरी के बिल काफी ज्यादा आने लगा है।
यदि आपको भी लगता है कि आपके घर का बिजली मीटर वास्तविक खपत से अधिक यूनिट दर्ज कर रहा है, तो अब परेशान होने या बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने ऐसी शिकायतों के लिए ऑनलाइन और टोल-फ्री व्यवस्था उपलब्ध कराई है, जिसके जरिए उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं शिकायतें?
पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई जिलों से उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया, उपभोक्ता मंचों और बिजली विभाग के शिकायत पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई है कि उनके मीटर अपेक्षा से अधिक तेज चल रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि घर में बिजली उपकरण पहले जितने ही हैं, लेकिन बिल अचानक काफी बढ़ गया है।
हालांकि हर अधिक बिल का कारण मीटर खराब होना ही नहीं होता। कई बार मौसम के कारण एयर कंडीशनर, कूलर या अन्य उपकरणों का अधिक उपयोग भी बिजली की खपत बढ़ा देता है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मीटर की जांच कराना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
अब दफ्तर जाने की जरूरत नहीं
पहले मीटर संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए बिजली विभाग के कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इससे उपभोक्ताओं का समय भी बचता है और शिकायत की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।
यदि आपको लगता है कि आपका मीटर तेज चल रहा है, तो आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
UPPCL स्मार्ट ऐप से ऐसे करें शिकायत
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ता सबसे पहले UPPCL Smart Consumer App डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर या उपभोक्ता संख्या से लॉगिन करने के बाद कई ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध होती हैं।
मीटर संबंधी शिकायत दर्ज करने के लिए—
ऐप में लॉगिन करें।
Meter Related Services या Meter Related Complaint विकल्प चुनें।
वहां Meter Running Fast विकल्प पर क्लिक करें।
आवश्यक जानकारी भरकर शिकायत सबमिट कर दें।
कुछ ही क्षणों में आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी।
वेबसाइट से भी कर सकते हैं आवेदन
यदि आप मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, तो UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद मीटर संबंधी शिकायत वाले सेक्शन में जाकर "Meter Running Fast" विकल्प चुनना होगा। वहां उपभोक्ता संख्या, मीटर नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी भरने के बाद शिकायत ऑनलाइन जमा की जा सकती है।
1912 नंबर पर भी मिलती है सुविधा
जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होती है, उनके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 उपलब्ध है।
इस नंबर पर कॉल करने के बाद कस्टमर केयर अधिकारी आपकी शिकायत दर्ज करेंगे। इसके लिए आपको अपना उपभोक्ता नंबर, मीटर नंबर और आवश्यक विवरण देना होगा।
शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा, जिसे संभालकर रखना चाहिए।
कंप्लेंट नंबर क्यों है जरूरी?
शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाला कंप्लेंट नंबर बेहद महत्वपूर्ण होता है।
इसी नंबर के जरिए आप यह जान सकते हैं कि—
शिकायत स्वीकार हुई या नहीं।
जांच अधिकारी कब आएंगे।
शिकायत का वर्तमान स्टेटस क्या है।
जांच पूरी हुई या नहीं।
इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
शिकायत के बाद क्या होता है?
ऑनलाइन या फोन से शिकायत दर्ज होने के बाद बिजली विभाग की तकनीकी टीम निर्धारित समय में आपके घर पहुंच सकती है।
टीम मीटर की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि—
मीटर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।
मीटर की रीडिंग वास्तविक खपत के अनुरूप है या नहीं।
किसी तकनीकी खराबी की वजह से अतिरिक्त यूनिट दर्ज तो नहीं हो रही।
यदि जांच में मीटर खराब पाया जाता है, तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करता है।
हर ज्यादा बिल का कारण मीटर नहीं
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार उपभोक्ता यह मान लेते हैं कि अधिक बिल का मतलब मीटर खराब है, जबकि वास्तविक कारण कुछ और भी हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए—
पुराने एयर कंडीशनर अधिक बिजली खर्च करते हैं।
खराब रेफ्रिजरेटर लगातार बिजली खींच सकता है।
पानी की मोटर लंबे समय तक चलने से यूनिट बढ़ सकती है।
घर में छिपी वायरिंग फॉल्ट भी बिजली की खपत बढ़ा सकती है।
इसलिए मीटर की जांच के साथ-साथ बिजली उपकरणों की भी समय-समय पर जांच करवानी चाहिए।
बिजली बिल कम रखने के आसान उपाय
यदि आप बिजली का बिल कम रखना चाहते हैं, तो कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं—
एलईडी बल्ब का उपयोग करें।
उपयोग न होने पर बिजली उपकरण बंद रखें।
पुराने और अधिक बिजली खर्च करने वाले उपकरण बदलें।
एयर कंडीशनर का तापमान 24–26 डिग्री के बीच रखें।
नियमित रूप से मीटर की रीडिंग नोट करते रहें।
इससे आप अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे।
अफवाहों से रहें सावधान
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे दावे वायरल होते रहते हैं कि सभी नए मीटर जानबूझकर तेज चलते हैं। ऐसे दावों की पुष्टि हमेशा नहीं होती।
यदि आपको किसी मीटर पर संदेह है, तो सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक शिकायत दर्ज कराना सबसे उचित तरीका है। विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
उपभोक्ताओं के अधिकार भी जानें
हर बिजली उपभोक्ता को यह अधिकार है कि यदि उसे अपने मीटर या बिल पर संदेह हो, तो वह विभाग से जांच की मांग कर सकता है। साथ ही विभाग की ओर से दर्ज शिकायत का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए।
यदि शिकायत के समाधान में अनावश्यक देरी होती है, तो उपभोक्ता उच्च अधिकारियों या संबंधित उपभोक्ता शिकायत मंच पर भी अपनी बात रख सकते हैं।
निष्कर्ष
बिजली का बढ़ता बिल किसी भी परिवार के मासिक बजट को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में यदि आपको अपने मीटर की कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो घबराने की बजाय आधिकारिक माध्यम से शिकायत दर्ज कराना सबसे सही कदम है। UPPCL ने मोबाइल ऐप, वेबसाइट और टोल-फ्री नंबर जैसी सुविधाएं देकर इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है।
ध्यान रखें कि मीटर खराब होने या तेज चलने का निर्णय केवल तकनीकी जांच के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए किसी भी अफवाह पर विश्वास करने के बजाय आधिकारिक प्रक्रिया अपनाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
NAYAK भारतीय नायक (nayakmedia.in) अपने पाठकों से अपील करता है कि बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें और समय-समय पर अपने बिजली बिल तथा मीटर की रीडिंग की जांच करते रहें।
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