Top News

हिंदू देवता पर बनी फिल्म की मदद कर विवादों में घिरे शाहरुख खान, ट्रोलिंग पर निर्देशक का करारा जवाब; बोले- 'इंसानियत का धर्म नहीं होता'


हिंदू देवता पर आधारित मराठी फिल्म देऊल बंद 2 की मदद करने के बाद शाहरुख खान सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे। फिल्म के निर्देशक प्रवीण तरड़े ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि मदद को धर्म से जोड़ना गलत है। जानिए पूरा मामला।
शाहरुख खान ट्रोल
Shah Rukh Khan, Deool Band 2, प्रवीण तरड़े, शाहरुख खान विवाद, मराठी फिल्म, बॉलीवुड न्यूज, हिंदू देवता फिल्म, सोशल मीडिया ट्रोलिंग

---

हिंदू देवता पर बनी फिल्म की मदद करने पर शाहरुख खान निशाने पर, निर्देशक ने कहा- "धर्म नहीं, इंसानियत देखिए"

नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' की आर्थिक मदद से जुड़ा एक खुलासा है। फिल्म के निर्देशक प्रवीण तरड़े ने बताया कि मुश्किल समय में शाहरुख खान ने उनकी फिल्म की मदद की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अभिनेता को निशाना बनाया और धार्मिक आधार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

हालांकि, निर्देशक प्रवीण तरड़े ने ट्रोलिंग का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि किसी की मदद को धर्म के चश्मे से देखना गलत है। उनके मुताबिक, जब कोई इंसान मुश्किल समय में साथ खड़ा होता है तो उसकी सराहना की जानी चाहिए, न कि उसके धर्म पर सवाल उठाए जाने चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

प्रवीण तरड़े ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि 'देऊल बंद 2' की रिलीज़ से पहले उनकी टीम आर्थिक संकट से गुजर रही थी। फिल्म की रिलीज़ के लिए डिजिटल सिनेमा पैकेज (DCP) का भुगतान करना जरूरी था, लेकिन निर्माताओं के पास पूरी राशि उपलब्ध नहीं थी। ऐसे समय में शाहरुख खान की कंपनी से संपर्क किया गया।

निर्देशक के अनुसार, मामला शाहरुख खान तक पहुंचा तो उन्होंने फिल्म के बारे में जानकारी ली और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद DCP उपलब्ध कराने में मदद की। इस सहयोग के कारण फिल्म समय पर सिनेमाघरों तक पहुंच सकी।

फिल्म की सफलता के बाद सामने आई कहानी

प्रवीण तरड़े ने बताया कि फिल्म रिलीज़ होने के बाद दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला और बाद में यह बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से शाहरुख खान का आभार व्यक्त किया।

यहीं से सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि एक मुस्लिम अभिनेता ने हिंदू देवता पर आधारित फिल्म की मदद क्यों की। इस पर कई यूजर्स ने समर्थन भी किया, जबकि कुछ ने आलोचना की।

निर्देशक ने ट्रोलर्स को दिया जवाब

सोशल मीडिया पर बढ़ती बहस के बीच प्रवीण तरड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी की उदारता को धर्म से जोड़ना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब फिल्म संकट में थी, तब शाहरुख खान ने बिना किसी भेदभाव के मदद की। ऐसे में उनका धन्यवाद करना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छे इंसान की पहचान उसके कर्म से होती है, न कि उसके धर्म से।

"हिंदू-मुस्लिम का सवाल ही कहां है?"

निर्देशक ने इंटरव्यू में कहा कि इस पूरे मामले में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा खड़ा करना समझ से परे है। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में कलाकार एक-दूसरे की मदद करते हैं और इसे धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कठिन समय में सहयोग दिया है तो उसके प्रति आभार व्यक्त करना गलत नहीं हो सकता।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। एक वर्ग ने शाहरुख खान की दरियादिली की सराहना करते हुए कहा कि कला और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।

वहीं कुछ यूजर्स ने इस मदद को धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए सवाल उठाए। हालांकि बड़ी संख्या में लोगों ने निर्देशक के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि किसी की मदद को सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं है।

फिल्म इंडस्ट्री में सहयोग की परंपरा

फिल्म उद्योग में कई बार कलाकार और निर्माता एक-दूसरे की आर्थिक या तकनीकी सहायता करते रहे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोग मानते हैं कि किसी फिल्म की सफलता के पीछे कई लोगों का योगदान होता है और ऐसे सहयोग को सामान्य पेशेवर व्यवहार के रूप में देखा जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में व्यक्तिगत मदद को धार्मिक पहचान से जोड़ने के बजाय उसके मानवीय पक्ष को महत्व देना चाहिए।

क्यों चर्चा में है 'देऊल बंद 2'?

'देऊल बंद 2' एक मराठी फिल्म है, जिसकी कहानी आस्था और सामाजिक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। निर्देशक के अनुसार, फिल्म को रिलीज़ से पहले वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन समय पर मिले सहयोग के कारण यह सिनेमाघरों तक पहुंच सकी। बाद में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया।

निष्कर्ष

शाहरुख खान द्वारा की गई मदद और उसके बाद हुई ट्रोलिंग ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर धर्म और इंसानियत को लेकर बहस छेड़ दी है। निर्देशक प्रवीण तरड़े का कहना है कि किसी भी अच्छे काम का मूल्यांकन इंसानियत के आधार पर होना चाहिए, न कि धर्म के आधार पर।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बीच बहस जारी है।

नोट: यह समाचार निर्देशक प्रवीण तरड़े के सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सोशल मीडिया पर वायरल सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

संवाददाता आईडी यहाँ से डाउनलोड करें

NAYAK Bhartiya Nayak

संवाददाता बनेने के लिए

NAYAK Bhartiya Nayak

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume