NAYAK | भारतीय नायक
गोरखपुर जिला जेल से पॉक्सो आरोपी बंदी फरार, जेलर समेत पांच कर्मचारी सस्पेंड
शुक्रवार दोपहर गिनती में गायब मिला विपिन, पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं
गोरखपुर जिला जेल से शुक्रवार की दोपहर को एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई। पॉक्सो एक्ट के एक विचाराधीन बंदी के लापता होने की सूचना से पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल के अंदर सभी बैरकों की बार-बार गिनती कराई गई, लेकिन बंदी का कोई पता नहीं चल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से जेलर अरुण कुमार सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
कैसे हुई घटना?
बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार गांव निवासी विपिन को 18 जुलाई को एक लड़की को भगाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बंदियों की नियमित गिनती के दौरान विपिन बैरक में नहीं मिला। इसके बाद पूरे जेल परिसर में तलाशी शुरू हुई। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि निर्माणाधीन दीवार और पास के पेड़ का इस्तेमाल कर वह दीवार फांदकर फरार हो गया।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और एसएसपी खुद जेल पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसएसपी ने जेलर अरुण कुमार, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, रामजीत सिंह तथा जेल वार्डर जितेंद्र कुमार गौतम और जितेंद्र कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। जेल अधीक्षक के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
पुलिस की कई टीमें बांसगांव, शाहपुर और आसपास के इलाकों में विपिन की तलाश में जुट गई हैं। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच चल रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जेल से बंदी के फरार होने की घटना ने एक बार फिर जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गंभीर आरोपों वाले बंदियों की निगरानी में लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है, यह घटना याद दिलाती है। परिवार और स्थानीय लोगों में भी चिंता की लहर है।
जेल प्रशासन का कहना है कि पूरी जांच हो रही है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बंदी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना सिर्फ एक बंदी के फरार होने की नहीं है। यह जेल प्रबंधन, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और बंदियों की निगरानी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है। जब जेल की ऊंची दीवारें भी सुरक्षा नहीं दे पातीं तो आम नागरिक का भरोसा कैसे बना रहेगा?
NAYAK भारतीय नायक की टीम घटना की आगे की अपडेट पर नजर रखे हुए है। बंदी की गिरफ्तारी होते ही आपको तुरंत जानकारी देंगे।
आपका क्या कहना है? क्या जेल सुरक्षा में सुधार की जरूरत है? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।
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